मऊ:मुहम्मदाबाद गोहना नगर क्षेत्र में स्थित तमसा नदी पर बने पुराने पुल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पुल पर भारी वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगाया गया बैरियर एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार टूट गया। बैरियर के बार-बार टूटने से कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता हैं।
जानकारी के अनुसार, लगभग 50 वर्ष पूर्व निर्मित तमसा पुल वर्तमान समय में काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। पुल के कई हिस्सों में दरारें और क्षति के निशान दिखाई दे रहे हैं। पुल की स्थिति को देखते हुए विभाग ने भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी तथा पुल से कुछ मीटर पहले लोहे का बैरियर लगाकर आवागमन नियंत्रित करने की व्यवस्था की थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी वाहन चालक प्रतिबंध के बावजूद पुल से गुजरने का प्रयास करते हैं। इसी दौरान वाहन चालक बैरियर को धक्का देकर या दबाव बनाकर उसे क्षतिग्रस्त कर देते हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान यह तीसरी घटना है जब बैरियर टूटकर नीचे गिर गया है। बैरियर हटने के बाद अब बड़े वाहन बिना किसी रोक-टोक के पुल से गुजर सकते है।
क्षेत्रीय नागरिकों छोटू प्रसाद, लालजी वर्मा, तेजनाथ मौर्य, संतोष सिंह, व सुनील गावस्कर का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जर्जर पुल पर किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मजबूत बैरियर लगाने की मांग की है।
उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पुल की स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक जारी है। बैरियर टूटने की सूचना मिलने के बाद उसे पुनः स्थापित कराने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बैरियर लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पुल की तकनीकी जांच कर आवश्यक मरम्मत अथवा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल जर्जर पुल और टूटी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है।











