
मऊ: मोहम्मदाबाद गोहना, श्री कृष्णा रामलीला समिति की ओर से राजगद्दी मैदान में रविवार की रात लंका दहन और समुद्र पर सेतु निर्माण की तैयारी का भावपूर्ण मंचन किया गया। हनुमान जी द्वारा लंका दहन का दृश्य देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
रामलीला मंचन के दौरान रावण के समझाने के बावजूद माता सीता अपने निर्णय पर अडिग रहीं। इसी बीच अशोक वाटिका पहुंचे हनुमान जी ने माता सीता को प्रभु श्रीराम की अंगूठी दिखाकर अपना परिचय दिया और श्रीराम का संदेश सुनाया। इसके बाद अनुमति लेकर हनुमान जी ने अशोक वाटिका के फल खाए और वाटिका को तहस-नहस कर दिया। राक्षसों के विरोध के बावजूद हनुमान जी ने उन्हें खदेड़ दिया।
मामला रावण के दरबार में पहुंचने पर मेघनाद हनुमान जी को बंदी बनाकर ले गया। रावण और हनुमान जी के बीच संवाद के बाद रावण ने उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया। पूंछ में आग लगते ही हनुमान जी ने पूरी लंका में घूम-घूमकर आग लगा दी। लंका दहन का दृश्य देखकर दर्शकों में उत्साह भर गया और परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
इसके बाद हनुमान जी रामदल में पहुंचे और माता सीता का समाचार प्रभु श्रीराम को सुनाया। माता सीता का पता चलने के बाद श्रीराम ने लंका पर चढ़ाई की तैयारी शुरू कर दी। समुद्र पर सेतु निर्माण की तैयारी के मंचन ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
रामलीला मंचन से पूर्व श्री कृष्णा रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का शृंगार कर विधिवत आरती की और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान लाल जी वर्मा, संजीव उपाध्याय, प्रभु नारायण खन्ना, संतोष मल्होत्रा, श्याम जी, दिलीप कश्यप, त्रिभुवन नारायण सिंह, प्रभु खन्ना, अभिषेक सोनकर, बनवारी सोनकर, जितेंद्र मल्होत्रा, विवेक पोद्दार, बृजेश अग्रवाल सहित मंदिर समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
लंका दहन के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते नजर आए।











