
मऊ। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही दोहरीघाट में कटान ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार सुबह गौरीशंकर घाट से आगे खाकी बाबा कुटी के पास अचानक करीब 15 मीटर तक का किनारा कटकर नदी में समा गया। सुरक्षा के लिए लगाए गए बोल्डर और किनारे के पेड़-पौधे भी तेज धारा में बह गए। अचानक हुए कटान से कस्बे में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया। कटान प्रभावित हिस्से में जियो बैग और बोल्डर डालकर नदी की धारा को रोकने का प्रयास किया गया। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि फिलहाल कटान को रोक दिया गया है, लेकिन नदी की तेज लहरों का दबाव बना रहने पर खतरा बरकरार है।
जलस्तर 20 सेंटीमीटर घटा, फिर भी खतरे के निशान से ऊपर
गौरीशंकर घाट पर लगे मीटर गेज के मुताबिक रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 70.35 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार को इसमें 20 सेंटीमीटर की कमी आई और जलस्तर 70.15 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि नदी अभी भी 69.90 मीटर के खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
जलस्तर घटने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन पानी कम होते ही कटान का खतरा बढ़ गया है। सरहरा पुरवे से लेकर परमहंस बाबा कुटी के सामने तक कई जगह नदी किनारे रुक-रुककर कटान हो रही है।
भारत माता मंदिर से टकरा रही लहरें
स्थानीय लोगों के मुताबिक मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर के सामने सरयू की तेज लहरें सीधे किनारे से टकरा रही हैं। इससे नदी में बैकरोलिंग की स्थिति बन रही है। माना जा रहा है कि इसी दबाव के चलते खाकी बाबा कुटी के पास सुरक्षा बोल्डर और किनारे की जमीन कटकर नदी में समा गई।
कस्बेवासियों का कहना है कि सरयू की धारा पहले भी दोहरीघाट की कई ऐतिहासिक धरोहरों को अपने आगोश में ले चुकी है। ऐसे में लगातार हो रहे कटान को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी
कटान की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग और नगर पंचायत के अधिकारियों से बचाव कार्य की जानकारी ली और प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को कटान रोकने के लिए जरूरी कदम तत्काल उठाने को कहा गया।
बोले अवर अभियंता- फिलहाल कटान रुकी
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रिंस कुमार ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर फिलहाल घट रहा है। जलस्तर कम होने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की कटान शुरू हुई है। इसे रोकने के लिए जियो बैग और बोल्डर डाले जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल कटान रुक गई है।
अवर अभियंता के मुताबिक कटान प्रभावित हिस्से को और मजबूत करने के लिए बोल्डर पिचिंग भी कराई जाएगी। सिंचाई विभाग की टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है, ताकि नदी की धारा से होने वाले नुकसान को नियंत्रित किया जा सके।











