
गोरखपुर में एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत गोरखपुर के प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया कि टेराकोटा से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें बैंक ऋण की सुविधा दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।जिलाधिकारी ने बताया कि टेराकोटा शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही बैंक ऋण उपलब्ध कराने में आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि कारीगर आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों के साथ अपने उत्पादों का विस्तार कर सकें।उन्होंने कहा कि टेराकोटा उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन मार्केटिंग और विभिन्न प्रदर्शनियों का सहारा लिया जाएगा। इसके माध्यम से गोरखपुर के पारंपरिक टेराकोटा उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहुंच सकेंगे।जिलाधिकारी ने कहा कि टेराकोटा गोरखपुर की समृद्ध कला और संस्कृति की पहचान है। प्रशासन का प्रयास है कि इस पारंपरिक शिल्प को आधुनिक बाजार की मांग से जोड़ते हुए कारीगरों की आय बढ़ाई जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को कारीगरों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और टेराकोटा उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।











