रानीपुर (मऊ)। मानसून की बेरुखी के चलते रानीपुर ब्लॉक क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। जुलाई का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद बारिश नहीं होने से धान की रोपाई लगभग ठप पड़ी है। भीषण गर्मी, तेज धूप और उमस ने जनजीवन को भी प्रभावित कर दिया है। शनिवार को तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोग घरों में रहने को मजबूर रहे।बारिश के अभाव का सबसे अधिक असर खेती पर पड़ा है। किसानों के अनुसार पिछले वर्ष 5 जुलाई तक क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत धान की रोपाई पूरी हो चुकी थी, जबकि इस वर्ष अब तक केवल तीन प्रतिशत रोपाई ही हो सकी है। यह रोपाई भी उन्हीं किसानों ने की है जिनके पास निजी नलकूप अथवा पंपसेट की व्यवस्था है।स्थानीय किसान जितेंद्र, शक्ति और संजय ने बताया कि बारिश नहीं होने से खेतों की तैयारी तक प्रभावित हो गई है। जिन किसानों ने निजी संसाधनों से रोपाई की है, उन्हें फसल बचाने के लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे डीजल और बिजली पर खर्च लगातार बढ़ रहा है।लगातार सिंचाई और भूजल के दोहन से क्षेत्र का जलस्तर भी तेजी से नीचे जा रहा है। कई स्थानों पर हैंडपंप और कुओं का जलस्तर घटने लगा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो धान की फसल को भारी नुकसान होगा और आने वाले दिनों में पेयजल संकट भी गहरा सकता है।दोपहर के समय भीषण गर्मी और उमस के कारण बाजारों तथा सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बिजली की आवाजाही ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। किसानों और ग्रामीणों ने शासन से आवश्यक राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है, ताकि खेती और जलस्रोतों को राहत मिल सके।











