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सड़क नहीं तो विकास कैसा? रानीपुर के परडी अम्बेडकर बस्ती की राह हुई दुश्वार, ग्रामीण बेहाल

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Written by
Vipinkumar Singh

सड़क नहीं तो विकास कैसा? रानीपुर के परडी अम्बेडकर बस्ती की राह हुई दुश्वार, ग्रामीण बेहा
​रानीपुर (मऊ): सरकारें भले ही ‘गांव की राह-आसान राह’ के बड़े-बड़े दावे कर लें, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी दावों से कोसों दूर है। रानीपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामसभा परडी के अम्बेडकर बस्ती को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। मात्र 500 मीटर का यह मार्ग आज ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है।
​गड्ढों में तब्दील हुई सड़क, उखड़ी गिट्टियां
​स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर बिछी पीच और गिट्टियां पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। हालत यह है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, इसका पता लगाना मुश्किल है। बरसात के दिनों में तो स्थिति नारकीय हो जाती है, लेकिन सामान्य दिनों में भी उखड़ी हुई नुकीली गिट्टियों के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
​आए दिन हो रहे हैं हादसे
​ग्रामीण विजय कुमार, मनोज, रमेश और पंकज ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि:
​”परडी चट्टी से हमारे घरों को जोड़ने वाला यह एकमात्र मार्ग है। मार्ग की हालत इतनी खराब है कि आए दिन लोग यहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों के लिए इस रास्ते से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है।”
​मुख्यालय से जोड़ने वाला एकमात्र संपर्क मार्ग
​हैरानी की बात यह है कि यह मार्ग केवल बस्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र को जिला, ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है। लगभग 50 परिवारों की घनी आबादी वाली यह बस्ती पूरी तरह से इसी मार्ग पर आश्रित है। बीमार होने पर एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना या बच्चों का स्कूल जाना, हर काम में यह बदहाल सड़क बाधा बन रही है।
​ग्रामीणों ने लगाई सरकार से गुहार
​लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हुए ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शासन और प्रशासन से विनती की है कि इस 500 मीटर के टुकड़े का अविलंब पुनर्निर्माण कराया जाए।

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