विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता अभियान, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
मऊ। विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के उपलक्ष्य में शनिवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जनजागरूकता कार्यक्रम, हस्ताक्षर अभियान, शपथ ग्रहण एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने की।
इस वर्ष की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश करना- निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला” पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. गुप्ता ने कहा कि तंबाकू एवं धूम्रपान जैसी बुरी आदतें युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही हैं। उन्होंने युवाओं से स्वयं, परिवार एवं समाज को स्वस्थ रखने के लिए नशामुक्त जीवन अपनाने तथा तंबाकू कंपनियों के भ्रामक प्रचार-प्रसार से दूर रहने की अपील की।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और तंबाकू छोड़ने के बाद स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। वहीं जिला सलाहकार डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने जिले में चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित समूह वार्ताओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिला अस्पताल मऊ में 4013 लोगों की काउंसलिंग की गई, जिनमें से 276 लोगों को फार्मेकोथेरेपी के माध्यम से तंबाकू छोड़ने का प्रयास कराया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश हेल्थ वॉलंटरी एसोसिएशन, लखनऊ के प्रतिनिधि दिलीप कुमार पांडेय ने कोटपा अधिनियम-2003 के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए अन्य विभागों के सहयोग से कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आर.एन. सिंह, सोशल वर्कर लक्ष्मीकांत दुबे, डॉ. पशुपतिनाथ दुबे, आशीष श्रीवास्तव, सतीश गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं सहयोगी उपस्थित रहे।











