
महिला ग्रामोद्योग सेवा समिति की पहल, बाल विवाह और लैंगिक भेदभाव समाप्त करने का दिया संदेश।

मऊ। मोहम्मदाबाद गोहना, अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला ग्रामोद्योग सेवा समिति द्वारा संचालित ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजना क्षेत्र में किशोरियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, समानता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान किशोरियों को बताया गया कि बालिकाएं समाज की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्हें भी लड़कों के समान शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। वक्ताओं ने बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और बालिकाओं के साथ होने वाली हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर किशोरियों को अपनी शिक्षा निरंतर जारी रखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे अपने परिवार, शिक्षकों और संबंधित सहायता सेवाओं से सहयोग प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही समाज में समानता और सुरक्षा का वातावरण तैयार करने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक बालिका को सुरक्षित माहौल, समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए, ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सके और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
कार्यक्रम का संदेश रहा— “बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान दें, उसके सपनों को नई उड़ान दें।”











