करहा राजकीय पशु चिकित्सालय की हालत बदहाल, टूटा गेट और गायब डॉक्टर से किसान परेशान
मऊ जनपद के करहा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय की हालत बेहद खराब हो चुकी है। अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। यहां न तो व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं और न ही पशुपालकों को समय पर इलाज की सुविधा मिल पा रही है।
अस्पताल का मुख्य गेट कई दिनों से टूटा पड़ा है, जिसे बस के सहारे रोककर रखा गया है। वहीं परिसर में लगे हैंडपंप के पास बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है, जिससे साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खुल रही है। अस्पताल के कमरों की हालत भी जर्जर है। कहीं खिड़कियों के जंगले टूटे हैं तो कहीं शीशे चकनाचूर पड़े हैं।
स्थानीय पशुपालकों और किसानों का कहना है कि अस्पताल में फिलहाल कोई स्थायी डॉक्टर मौजूद नहीं है। केवल एक कर्मचारी की तीन दिन की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन वह भी अक्सर नदारद रहते हैं।जानवर बीमार हो जाएं तो इलाज के लिए भटकना पड़ता है, यहां कोई देखने वाला नहीं है।” ऐसे में सवाल उठता है कि जब पशु चिकित्सालय खुद बदहाल है तो पशुओं का इलाज कैसे होगा। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब ध्यान देते हैं।










