
प्राचार्या प्रो. वंदना पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन, अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने छात्र-छात्राओं को दी महत्वपूर्ण जानकारी
मऊ। घोसी, सर्वोदय पीजी कॉलेज घोसी के कृषि संकाय के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने गौशाला का शैक्षिक अवलोकन कर पशुपालन, गो-संरक्षण और जैविक कृषि के महत्व की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना पाण्डेय के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ कृषि एवं पशुपालन की जमीनी हकीकत से रूबरू कराना था।
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने गौशाला में गोवंश की विभिन्न नस्लों, उनके खान-पान, रखरखाव, स्वास्थ्य देखभाल और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। साथ ही गोबर एवं गोमूत्र से तैयार होने वाले जैविक उत्पादों, जैविक खाद के उपयोग और खेती में गोवंश की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को बताया गया कि पशुपालन और जैविक कृषि एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इनके बेहतर समन्वय से खेती को अधिक उपयोगी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने छात्र-छात्राओं को गौशाला की व्यवस्था, गोवंश के संरक्षण, देखभाल तथा नगर क्षेत्र में गोवंश प्रबंधन से संबंधित विभिन्न जानकारियां दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को इन व्यवस्थाओं के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराते हुए उनके सवालों का भी समाधान किया। इससे विद्यार्थियों को पशुपालन और गो-संरक्षण की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. वंदना पाण्डेय ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से छात्र-छात्राएं आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ भारतीय पारंपरिक कृषि पद्धतियों की उपयोगिता को भी समझते हैं। कृषि शिक्षा में इस तरह के अनुभव विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर कृषि प्रबंधन और स्वरोजगार की संभावनाओं के प्रति जागरूक बनाते हैं।
इस शैक्षिक भ्रमण के दौरान कृषि संकाय के नितिल कुमार श्रीवास्तव, अमर नाथ जायसवाल, राहुल कुमार त्रिपाठी सहित संकाय के समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहे।











