
राप्ती नदी के किनारे स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को मौसम में अचानक आए बदलाव के बीच बड़ा हादसा हो गया। आकाशीय बिजली गिरने के बाद घाट परिसर में बना गुंबदनुमा स्लैब भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे की चपेट में आकर दो अधिवक्ता घायल हो गए। इनमें गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता आलोक अस्थाना की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि अधिवक्ता संजय सिंह को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, शक्ति नगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह और राप्ती नगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना अपने साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गुरु गोरक्षनाथ घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के दौरान दोनों अधिवक्ता घाट परिसर में बने चबूतरे पर बैठे थे।
इसी दौरान मौसम अचानक खराब हुआ और आकाशीय बिजली गिरने के बाद तेज झटका लगा। इसके बाद चबूतरे के ऊपर बनी गुंबदनुमा संरचना का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे की चपेट में आने से दोनों अधिवक्ता दब गए।
हादसे के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर दोनों घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल में अधिवक्ता आलोक अस्थाना की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं अधिवक्ता संजय सिंह को भी बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने राहत-बचाव कार्य में सहयोग किया और जिला अस्पताल में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस बल तैनात किया गया।
डीएम ने लिया घटना का संज्ञान
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने हादसे का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने के बाद गुंबदनुमा बैठने वाले स्थान का स्लैब गिरने से दोनों अधिवक्ता घायल हुए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल का निरीक्षण करने और संरचना की तकनीकी स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।
एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम की भी होगी जांच
हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से एंबुलेंस पहुंचने में कथित देरी की शिकायत भी सामने आई। जिलाधिकारी ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम की जांच के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों से घटना की सूचना मिलने से लेकर एंबुलेंस के रवाना होने और मौके पर पहुंचने तक की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
27.85 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था घाट का सुंदरीकरण
बताया गया है कि गुरु गोरक्षनाथ घाट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2019 में तैयार किया गया था और करीब 27 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये की लागत से घाट का विकास कराया गया था।
घाट परिसर में अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए कई चबूतरे और उनके ऊपर गुंबदनुमा छतों का निर्माण कराया गया था। रविवार को इन्हीं में से एक संरचना हादसे की चपेट में आ गई।
गुरु गोरक्षनाथ घाट का लोकार्पण 16 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।
हादसे के बाद अब घाट परिसर में बनी अन्य गुंबदनुमा संरचनाओं की मजबूती और सुरक्षा की भी जांच कराए जाने की तैयारी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों, संरचना की तकनीकी स्थिति और एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।











