
सकारात्मक चिंतन और राजयोग से तनाव पर पाया जा सकता है काबू।
मऊ: मुहम्मदाबाद गोहना मन में लगातार चलने वाले नकारात्मक विचार मानसिक तनाव और कई समस्याओं का प्रमुख कारण हैं। सकारात्मक चिंतन और आध्यात्मिकता के माध्यम से तनाव से मुक्ति पाई जा सकती है। यह बातें ब्रह्माकुमारी संस्था के मुख्यालय माउंट आबू, राजस्थान से आए ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने शुक्रवार को स्थानीय ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवा केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। वह ‘सकारात्मक चिंतन से तनाव मुक्ति’ विषय पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
भगवान भाई ने कहा कि मनुष्य के विचारों से ही उसकी स्मृति, वृत्ति, भावना, दृष्टिकोण और व्यवहार का निर्माण होता है। नकारात्मक विचारों का प्रभाव जीवन के हर पहलू पर पड़ता है। इससे तनाव, क्रोध, मानसिक थकान और अनिद्रा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रत्येक परिस्थिति में अच्छाई देखने और सकारात्मक सोच अपनाने से समस्याओं का समाधान निकालना आसान हो जाता है।
उन्होंने सकारात्मक विचारों को तनाव मुक्ति की संजीवनी बताते हुए कहा कि आध्यात्मिकता सकारात्मक चिंतन का प्रमुख स्रोत है। तनाव के कारण व्यक्ति नशे और अन्य बुरी आदतों की ओर भी बढ़ सकता है। ऐसे में मन को सकारात्मक बनाकर आत्मनियंत्रण और सहनशीलता विकसित करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में राजयोग सेवा केंद्र की शिक्षिका बीके पूर्णिमा बहन ने कहा कि सकारात्मक विचारों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन और व्यवहार पर पड़ता है। मऊ सेवा केंद्र से आईं बीके एकता बहन ने सफलता के लिए सकारात्मक सोच बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं, सेवा केंद्र की संचालिका बीके विमला बहन ने कहा कि राजयोग के नियमित अभ्यास से मनोबल और आत्मबल बढ़ता है। उन्होंने आत्मपरिचय और परमात्मा के विषय में जानकारी देते हुए राजयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने उपस्थित लोगों को राजयोग का अभ्यास कराया।











