
मऊ (रानीपुर)। ब्लॉक क्षेत्र के ग्रामसभा डरारी में सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। भैसहिं नदी की सफाई, बंधा निर्माण और वृक्षारोपण कार्य में बरती जा रही लापरवाही से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने नदी के तट पर प्रदर्शन किया और स्थानीय प्रशासन व ग्राम प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कागजों तक सिमटी नदी की सफाई, बाढ़ का सता रहा डर
ग्रामीणों का आरोप है कि भैसहिं नदी की स्थिति बदहाल है। कुछ समय पूर्व जिला अधिकारी द्वारा विधि-विधान से पूजा-पाठ कर नदी की सफाई और जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया गया था। लेकिन, ग्रामीणों का कहना है कि जमीनी हकीकत इसके उलट है।
”प्रधान द्वारा केवल फोटो खिंचवाकर कार्य को कागजों तक सीमित कर दिया गया है। न तो नदी की ढंग से सफाई हुई है और न ही सुरक्षा के लिए बंधा बनाया गया। अब मानसून के समय हमें डर सता रहा है कि नदी का पानी पूरे गाँव को अपनी चपेट में ले लेगा।”
— ग्रामीणों का सामूहिक बयान
इन ग्रामीणों ने जताया विरोध
प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से चन्द्रभान चौहान, चन्द्रदेव चौहान, रामलखन चौहान, धर्मदेव चौहान, गनेश चौहान, ओमप्रकाश चौहान, हरिश्चंद्र चौहान, लक्षीराम चौहान, देवनाथ चौहान, हरिकेश चौहान, बृजभान चौहान और इन्द्रजीत चौहान समेत भारी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अधिकारियों का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने जांच की बात कही है:
सहायक विकास अधिकारी (ADO), विजय शंकर सिंह: “यह मामला मनरेगा से संबंधित है। ग्रामीणों की शिकायतों को संज्ञान में लिया गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी कमियां पाई जाएंगी, उन पर उचित कार्यवाही होगी।”
मनरेगा अधिकारी, मनीष गुप्ता: “नदी सफाई और बंधा निर्माण में जो भी वित्तीय या कार्य संबंधी शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच की जाएगी। कार्य में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”










