
(मऊ): रानीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामसभा खिरीया में एक मासूम बच्चे की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद आज उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब शव के अंतिम संस्कार को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस प्रशासन की घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जाम को खुलवाया जा सका।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामसभा खिरीया निवासी पंकज कुमार (पुत्र बेचन राम) के पुत्र की पिछले दिनों बीमारी के चलते इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आज शव का पोस्टमार्टम होने के बाद जब मासूम का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुँचा, तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से पूर्व की धार्मिक रस्में पूरी कीं।
विवाद तब शुरू हुआ जब शव को घर से करीब 200 मीटर दूर स्थित अम्बेडकर मूर्ति के समीप लाया गया। वहां से शव को सीधे गाड़ी पर रखकर दाह संस्कार के लिए गाजीपुर भेज दिया गया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में उनकी भावनाओं का ध्यान नहीं रखा गया और जल्दबाजी की गई, जिससे उनमें भारी आक्रोश फैल गया।
सड़क पर उतरे ग्रामीण, घंटों ठप रहा आवागमन
नाराज महिलाओं और पुरुषों ने सलहाबाद-काझा मार्ग स्थित इटौरा चट्टी पर पहुंचकर रास्ता ब्लॉक कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले में उचित संवेदनशीलता बरती जाए। करीब एक घंटे तक चले इस चक्काजाम के कारण राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
भारी पुलिस बल ने संभाला मोर्चा
जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी पहुंचे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
शीतला प्रसाद पाण्डेय (क्षेत्राधिकारी, मुहम्मदाबाद)
मुहम्मदाबाद कोतवाली की टीम
चिरैयाकोट थाना पुलिस
रानीपुर थाना पुलिस (दल-बल के साथ)
समझौते के बाद खुला जाम
अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों को काफी देर तक समझाया-बुझाया। घंटों की मशक्कत और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने स्वयं वाहन की व्यवस्था कर परिजनों को दाह संस्कार के लिए गाजीपुर भेजा, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।










