मऊ भारतीय जनता पार्टी द्वारा हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी की गई पदाधिकारियों की सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मऊ के जिला अध्यक्ष विष्णु कान्त श्रीवास्तव ने इस सूची पर आपत्ति जताते हुए लिखित रूप में विरोध दर्ज कराया है।
उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज हमेशा से भाजपा का एक मजबूत वोट बैंक रहा है। यहां तक कि पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर भी कायस्थ समाज का प्रतिनिधित्व रहा है, लेकिन मऊ जनपद में इस समाज की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
विष्णु कान्त श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि मऊ में कायस्थ समाज के कई प्रमुख और सक्रिय लोग लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं, बावजूद इसके उन्हें पार्टी की नई सूची में स्थान नहीं दिया गया। यहां तक कि कई लोगों को साधारण सदस्यता तक नहीं मिली है।
उन्होंने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा कि पदाधिकारियों के चयन में पारदर्शिता का अभाव है और पूरी प्रक्रिया में “गोलमाल” किया गया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।










