
घोसी, मऊ।ग्रामीण जनता शिक्षण सेवा संस्थान के तत्वावधान में शुक्रवार को कम्पोजिट विद्यालय माऊरबोझ के प्रांगण में एक राष्ट्रीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। ‘प्राथमिक शिक्षा में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की भूमिका’ विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर के नामचीन शिक्षाविदों ने मंथन किया।
प्रमुख अतिथियों का संबोधन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी (घोसी) श्री अशोक कुमार सिंह एवं विशिष्ट अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री संतोष कुमार उपाध्याय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने कहा कि SMC केवल एक समिति नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार का सबसे सशक्त माध्यम है।
बीईओ संतोष कुमार उपाध्याय ने जवाबदेही तय करने में अभिभावकों की भूमिका पर जोर दिया।
शिक्षाविदों का मंथन
सेमिनार में प्रो. जे.पी. दुबे, प्रो. एन. रंगनाथन और प्रो. ललित कुमार जैसे विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
प्रो. पी.सी. शुक्ला ने विद्यालयों में सामुदायिक सहभागिता को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
प्रो. बनवारी लाल धाकड़ ने कहा कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी ही विद्यालय विकास की असली कुंजी है।
विशेषज्ञों की राय और तकनीकी सत्र
खण्ड शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार, SRG अरविन्द पाण्डेय और डायट प्रवक्ता अंशुमा सिंह ने SMC के कार्यों, कर्तव्यों और स्कूल विकास योजना (SDP) के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमन्त यादव ने व्यक्तिगत स्वच्छता को छात्र स्वास्थ्य और शिक्षा से जोड़कर एक नया दृष्टिकोण साझा किया।
स्थानीय सहभागिता और प्रभाव
कार्यक्रम में स्थानीय अभिभावकों और SMC सदस्यों की भारी उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने इस आयोजन को ‘शिक्षा के प्रति जागरूकता की नई लहर’ करार दिया। वक्ताओं की सूची में मार्कण्डेय सिंह चौहान, रामप्यारे प्रजापति, विजय प्रकाश चौहान, अजीत कुमार सिंह, पारस नाथ यादव और अनिता सिंह सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।
कुशल प्रबंधन और आभार
कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज सिंह द्वारा किया गया। आयोजन की सफलता में प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार वर्मा, गौतम शर्मा, जिसान अहमद और राकेश अग्रवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में संस्थान की प्रबंधिका एवं आयोजक मीरा सिंह ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।










