
आजमगढ़ : जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद सोमवार शाम अस्पताल को सील कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
रौनापार थाना क्षेत्र के शाहडीह गांव निवासी रामसिंह साहनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बहू कौशिल्या (36) पत्नी मनीष साहनी को 12 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब एक बजे बिलरियागंज के नया चौक स्थित एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए तत्काल ऑपरेशन करने की सलाह दी। दोपहर करीब 1.50 बजे ऑपरेशन कर शिशु का जन्म कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद प्रसूता की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। तेज दर्द और अन्य दिक्कतों की जानकारी अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ को दी गई, लेकिन समय रहते समुचित उपचार नहीं किया गया। आरोप है कि लापरवाही के कारण उसकी हालत गंभीर होती चली गई। रामसिंह साहनी ने बताया कि रात करीब 12 बजे अस्पताल प्रशासन ने मरीज की गंभीर स्थिति बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उसे जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मरीज को रेफर किया। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित निजी अस्पताल नियमों के विपरीत संचालित किया जा रहा था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, सोमवार शाम डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेंद्र कुमार प्रभारी चिकित्साधिकारी बिलरियागंज डॉ. सतीश कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया।











