
गोरखपुर. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत आयुष चिकित्सकों ने मानदेय में व्याप्त विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर मंगलवार को उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। राजा हरिप्रसाद मल्ल राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, खड़ेसरी के आयुष चिकित्सकों ने विधायक राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में डिप्टी सीएम के माध्यम से अपनी मांग शासन तक पहुंचाई।
चिकित्सकों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगभग चार हजार आयुष चिकित्सक वर्ष 2009-10 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2009-10 एवं 2010-11 में आयुष और एमबीबीएस चिकित्सकों को समान मानदेय दिया जाता था, लेकिन वर्तमान में दोनों के मानदेय में काफी अंतर हो गया है। एमबीबीएस चिकित्सकों का बेसिक मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जबकि आयुष चिकित्सकों का बेसिक मानदेय अभी भी महज 7500 रुपये प्रतिमाह ही है।
चिकित्सकों ने इसे समान परिस्थितियों में कार्य करने वाले चिकित्सा कर्मियों के साथ गंभीर मानदेय विसंगति बताते हुए शासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सक लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, ऐसे में उनके मानदेय में भी न्यायसंगत वृद्धि की जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश के करीब चार हजार आयुष चिकित्सकों के हित में 20 सितंबर तक मानदेय विसंगति दूर करने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 21 सितंबर को सुबह आठ बजे प्रदेशभर के आयुष चिकित्सकों द्वारा लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।
ज्ञापन सौंपने के बाद चिकित्सकों ने विधायक राजेश त्रिपाठी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने वादे के अनुरूप आयुष चिकित्सकों की आवाज को शासन स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया है। चिकित्सकों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी न्यायोचित मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
इस दौरान डॉ. वसीम सिद्दीकी, डॉ. मोहम्मद आरिफ, डॉ. आकाश मौर्य, डॉ. अक्षय कर्नवाल, डॉ. अमित सिंह, डॉ. मर्दुल यादव सहित अन्य आयुष चिकित्सक मौजूद रहे।


डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को









