
रानीपुर ब्लॉक क्षेत्र में आए आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इसका सबसे बुरा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ा है। रानीपुर उपखंड क्षेत्र के रानीपुर विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी मुख्य लाइन में फाल्ट आने के कारण पिछले 16 घंटों से बिजली गुल है। इस बिजली संकट से घरों की रोशनी छिनने के साथ-साथ क्षेत्र में जल संकट भी गहरा गया है।
तूफान के कारण रानीपुर उपकेंद्र से जुड़े चार प्रमुख फीडरों की बिजली पूरी तरह ठप है। इसके अतिरिक्त, भुसुवा और हिरनपुर उपकेंद्र पर भी विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिससे दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। 16 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
बिजली न होने के कारण पेयजल की समस्या सबसे विकट हो गई है। नलकूप और मोटर न चलने से ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और उमस के बीच पशुओं के लिए पानी का इंतजाम करना पशुपालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इससे आम जनमानस के साथ-साथ पशु भी बेहाल हैं।
तूफान से सरकारी संपत्तियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। ब्लॉक परिसर के भीतर कई विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर गए हैं। पेड़ों के गिरने से परिसर में लगी स्ट्रीट लाइटें टूट गई हैं और बिजली के तार जमीन पर आ गिरे हैं। क्षेत्र में कई स्थानों पर घरों के टीन शेड उड़ गए हैं और पेड़ों की टहनियां टूटने से रास्ते भी बाधित हुए हैं।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तूफान के कारण लाइन में कई जगह गंभीर तकनीकी खराबी आई है। विभाग ने बताया कि विद्युत कर्मचारी लगातार गश्त कर रहे हैं और फाल्ट खोजने का प्रयास जारी है। लाइन लंबी होने और पेड़ों के गिरने से मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है, लेकिन जल्द ही फाल्ट को ठीक कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।











