Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

वलीदपुर शरीफ में हजरत सूफी मोहम्मद जान किरमानी का 95वां उर्स शुरू, देशभर से पहुंचे जायरीन

Author Image
Written by
हारून खान

 

मोहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। नगर पंचायत वलीदपुर स्थित हजरत सूफी मोहम्मद जान सिद्दीकी किरमानी वलीदपुर शरीफ का 95वां दो दिवसीय सालाना उर्स शुक्रवार को अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हो गया। पहले दिन सुबह कुरआनख्वानी व महफिल-ए-मिलाद का आयोजन किया गया, जबकि शाम को पारंपरिक चादरपोशी की रस्म अदा की गई।

सज्जादानशीन शाह मोहम्मद इजहार अहमद मोईनी मोइनिया मंजिल से कव्वालों और अकीदतमंदों के साथ जुलूस की शक्ल में दरगाह पहुंचे और हजरत सूफी मोहम्मद जान किरमानी की मजार पर चादर पेश की। इस दौरान कव्वालों ने सूफी साहब की शान में मनकबत और कसीदे पेश किए, जिससे पूरा परिसर रूहानियत के माहौल से सराबोर हो गया।

उर्स में महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से बड़ी संख्या में जायरीन अपने परिवारों के साथ पहुंचे। अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाजिरी देकर अमन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां सच्चे दिल से की गई दुआ कबूल होती है।

हजरत सूफी मोहम्मद जान किरमानी का जन्म वर्ष 1867 में गाजीपुर जनपद के सिंगेरा गांव में हुआ था। वे कम उम्र में वलीदपुर आए और हजरत मौलाना कामिल नोमानी के शागिर्द बने। वर्षों तक उनकी खिदमत करने के बाद गद्दीनशीन हुए। उनके करामात और इल्मी सेवाओं की चर्चा आज भी क्षेत्र में श्रद्धा के साथ की जाती है।

उर्स के दौरान दरगाह कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात है। शनिवार को सुबह गागर की रस्म तथा शाम को खीरकापोशी का आयोजन किया जाएगा।

आज का राशिफल

वोट करें

क्या आप अपने वर्तमान प्रधान के काम से संतुष्ट हैं?

शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

आज का सुविचार

समय, विश्वास और सम्मान, ये ऐसे पक्षी हैं जो एक बार उड़ जाएं तो वापस नहीं आते। इसलिए इनकी कीमत समझें और इन्हें कभी न खोएं, क्योंकि इन्हें दोबारा हासिल करना लगभग असंभव होता है।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp